छत्तीसगढ़

जिले के 1106 आंगनबाड़ी केंद्रों में RO चालू

Shantanu Roy
24 April 2026 11:00 PM IST
जिले के 1106 आंगनबाड़ी केंद्रों में RO चालू
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Mahasamund. महासमुंद। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए पेयजल सुविधा को लेकर प्रशासन ने विस्तृत जानकारी जारी की है। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री टिकेंद्र जटवार ने बताया कि जिले के 1106 आंगनबाड़ी केंद्रों में वर्तमान में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित है तथा आरओ (RO) फिल्टर चालू स्थिति में कार्य कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, जिला खनिज न्यास संस्थान (DMF) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में महासमुंद ब्लॉक में कुल 320 आरओ फिल्टर लगाए गए हैं। इनमें से 282 ग्रामीण और 38 शहरी आंगनबाड़ी केंद्र शामिल हैं।

ग्रामीण क्षेत्र के 282 केंद्रों में से 201 केंद्रों में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था और आरओ चालू स्थिति में हैं। वहीं 81 केंद्रों में विभिन्न कारणों से पानी की समस्या सामने आई है। इनमें 38 केंद्र ऐसे हैं जहां गर्मी के कारण जलस्तर गिरने से पानी की उपलब्धता प्रभावित हुई है, 14 केंद्रों में रनिंग वाटर उपलब्ध नहीं है, जबकि 29 केंद्रों के आरओ अन्य केंद्रों में स्थानांतरित किए जा रहे हैं। शहरी क्षेत्र के 38 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 27 केंद्रों में नगर पालिका परिषद महासमुंद द्वारा मरम्मत और जीर्णोद्धार कार्य चल रहा है, जिसके कारण वहां स्थापित आरओ फिल्टर अभी चालू स्थिति में नहीं हैं। शेष 11 शहरी केंद्रों में आरओ पूरी तरह कार्यरत हैं और पेयजल उपलब्ध है।

अधिकारियों ने बताया कि “सक्षम आंगनबाड़ी योजना” के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 600 आंगनबाड़ी केंद्रों में आरओ फिल्टर स्थापित किए गए हैं। इनमें बागबाहरा में 263, पिथौरा में 112, बसना में 112 तथा सरायपाली में 113 केंद्र शामिल हैं। सभी 600 केंद्रों में आरओ चालू स्थिति में है और बच्चों को स्वच्छ पेयजल मिल रहा है। इसके अतिरिक्त वित्तीय वर्ष 2026-27 में DMF के माध्यम से 320 नए आंगनबाड़ी केंद्रों में आरओ स्थापित करने की स्वीकृति दी गई है। इनमें से अधिकांश पर कार्य प्रारंभ हो चुका है और शेष 36 केंद्रों में स्थापना प्रक्रिया जारी है। जिले में कुल 1793 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 1240 केंद्रों के लिए आरओ स्थापना की स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिनमें से अब तक 1204 केंद्रों में आरओ स्थापित किया जा चुका है। इनमें से 1106 केंद्रों में पेयजल सुविधा और आरओ पूरी तरह कार्यशील हैं। प्रशासन ने कहा है कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए सभी केंद्रों में स्वच्छ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्राथमिकता है और शेष केंद्रों में भी जल्द व्यवस्था पूरी कर ली जाएगी।
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